बड़कागांव की वो 10 समस्याएँ, जिससे हर कोई निजात चाहता है..

12.01.2017



19 साल पहले जब NTPC की आधारशिला रखी गयी थी तब बड़कागांव के लोगों में एक उम्मींद जगी थी की अब उनके भाग्य का उदय होने का समय आ गया है.. लेकिन आज 19 वर्षों बाद भी उनके सपने अँधेरे में है, और हर कोई NTPC के विवाद से परेशान है | बड़कागांव: स्वतंत्र आवाज के एक छोटे से सर्वे के मुताबिक, प्रमुख 10 समस्याएँ जिनसे हर कोई परेशान है:

  1. NTPC का विवाद कब सुलझेगा ?

NTPC का विवाद अब हर किसी के जुबान पे है | हाल में हुवे हिंसक घटनावों के चलते अब भी कई लोग दशहत में हैं | अब हर कोई चाहता है इससे छुटकारा पाना, लेकिन उनके चेहरे पे अनिश्चितता भी झलकती है |

  1. गंदी राजनीती और बाबुवों की मनमानी

बड़कागांव के पॉलिटिक्स में कई ज़माने से जातिवाद का बोलबाला रहा है | यहाँ के नेता हमेशा अपनी जीत जातिवाद एवं पैसे के सहारे से करते आयें हैं | यहाँ MLA बने पति-पत्नी और MP बने बाप-बेटे, इन्हें बड़कागांव की कोई फिक्र नही | ये सिर्फ अपने कारोबार को बढ़ावा देने में लगें हैं | राजनितिक फायदे के लिए ये कभी-कभी इधर भी नजर आ जाते हैं | ये जब भी लोगों के बिच आये उनसे लोगों को हमेशा नुकशान ही हुवा | इससे पहले भी 15 साल MLA रहे लोकनाथ महतो भी सिर्फ नाम के ही MLA रहे |साथ-साथ यहाँ सरकारी बाबुवों की भी मनमानी चलती आ रही है, और आम जनता इससे पिस रही |

  1. उद्योगीकरण किन्तु रोजगार का आभाव

लोगों में उम्मीद थी की NTPC आएगा तो रोजगार लायेगा | किन्तु ऐसा न हो सका | साथ ही उद्योगीकरण का मतलब कोयला खनन जैसे कार्य ही सिमट के रह गया | जबकि बड़कागांव में ग्रामीणों के लिए लघु उद्योग की असीम संभावनाएं हैं | अगर NTPC रोजगार दे न सका तो कम से कम लघु उद्योग को बढावा दे सकता था | NTPC जैसी कंपनियों के लिए ये बड़ी बात नही |

  1. पैसे का क्या करें ?

कई लोग जो मुवावजे का पैसा अब तक संभाल रखे हैं, उनके लिए यह एक आम सवाल है | सारा जमीन तो खत्म हो गया, कम से कम अब पैसे से कोई और रोजगार का साधन ढूढ लें | लेकिन क्या ?? कई लोग जिन्हें समझ न आया वो महेंगे दामों पे शहरों में जमीन खरीद आये, जेवर खरीद ली, किसी ने गाड़ी, जिसके मन में जो अच्छा समझ आया |

  1. विस्थापन का सही ठिकाना

जब हाथ से जमीन और घर निकल जाये तो समझ नही आता कौन सा अगला ठिकना उनके परिवार के लिए अच्छा होगा | जो पैसे मुवावजे में मिले उनसे गाँव में या ब्लाक एरिया में ही बसना संभव है | शहर की महंगाई में इन पैसों का कोई मोल नही | जाएँ तो कहाँ जाएँ |

  1. जागरूकता की कमी

सरकार की कई योजनायें, बच्चों की पढाई, या अपना विकाश | हर बात के लिए लोगों का जागरूक होना आवश्यक है | जानकारी के आभाव में लोग ठगे जा रहे | सरकारी दफ्तरों के चक्कर काट-काट भी लोग अपना काम ना करवा पा रहे | लोगों में जागरूकता का होना अति आवश्यक है |

  1. किसानों की बुरी हालत

दुनिया में हर किसी को जीने के लिए भोजन चाहिए | और भोजन के लिए किसान  | लेकिन हमारे किसान भाई अपनी जिंदगी ठीक से जी नही पा रहे | फसलों में नुकशान और बाजार में कम दाम | हर किसान इससे दुखी है |

  1. ट्रकों एवं कोयले के धुल से प्रदूषित बड़कागांव का वातावरण

ट्रकों एवं कोयले के धुल से प्रदूषित बड़कागांव का वातावरण काफी प्रदूषित हो रहा | वाहनों के लिए बाय-पास रोड अति अनिवार्य है | शाम में जैसे ही ट्रकों का चलाना आरम्भ होता है, सड़कों पे चल रहे लोगों के लिए साँस लेना मुश्किल हो जाता है |

  1. इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकाश एवं शहरीकरण

NTPC के आने से बड़कागांव के वातावरण में सिर्फ कोयले के धुल ही दिख रहे | जबकि बड़कागांव में इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकाश एवं शहरीकरण नही हो रहा | अब बड़कागांव को एक छोटे शहर की तरह विकशित होना चाहिए |

  1. शिक्षण संस्थावों का आभाव

यह समस्या हर घर की है | हर लोग चाहते हैं की अगर बड़कागांव में अच्छे शिक्षण संस्थान हों तो उन्हें शहर ना जाना होगा | पर काश ऐसा जल्दी हो पता

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